157वां मयार्दा महोत्सव 16 से, आचार्य श्री महाश्रमण जी का आज आगमन
रायपुर। जैन श्वेतांबर 13 पंथ का चार दिवसीय मयार्दा महोत्सव 16 से 19 फरवरी तक एयरपोर्ट के सामने स्थित जैन मानस भवन में जैन श्वेतांबर 13 पंथ के 11 वें आचार्य श्री महाश्रमण जी के सानिध्य में संपन्न होगा। इसी के साथ पहली बार 13 पंथ में छत्तीसगढ़ से पहली बार इसमें दीक्षा ली जा रही है।
यह जानकारी संयुक्त पत्रकारवार्ता में मयार्दा महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष महेंद्र धाड़ीवाल तथा महासचिव नरेंद्र दुग्गड़ व कोषाध्यक्ष मोतीलाल वैद ने दी। मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए महासचिव नरेंद्र दुग्गड़ ने बताया कि 157वां मयार्दा महोत्सव जया आचार्य जी के द्वारा शुरू किया गया था जिसकी शुरूआत बसंत पंचमी से होती है और सप्तमी को यह उत्सव संपन्न हो जाता है। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री महाश्रमण जी का पहली बार रायपुर आगमन हो रहा है, सौ साधु - साध्वियां भी उनके साथ होंगी। मयार्दा महोत्सव के अंर्तगत अनेक कार्यक्रम भी होगें जिसमें बड़ी संख्या में जैन श्वेतांबर 13 पंथ के श्रद्धालु शामिल रहेंगे।
श्री दुग्गड़ ने बताया कि जैन श्वेतांबर 13 पंथ के 11 वें आचार्य श्री महाश्रमण जी ने अहिंसा ,सदभावना नशा मुक्ति नैतिकता को लेकर यात्रा की शुरूआत 2014 में दिल्ली से की थी। 2015 में यह यात्रा विराट नगर नेपाल से होते हुए 2016 में असम गुवाहाटी पहुंची, 2017 में कोलाकाता पश्चिम बंगाल, 2018 चेन्नई तमिलनाडु़, 2019 बंगलूरू कर्नाटक, 2020 हैदराबाद तेलंगाना से होते हुए 2021 में छत्तीसगढ़ पहुंची है और इसी वर्ष महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश से विहार करते हुए राजस्थान के भीलवाड़ा में संपन्न होगी।
उन्होंने बताया कि जैन श्वेतांबर 13 पंथ में पहली बार छत्तीसगढ़ से कोई मुमुक्षु दीक्षा ग्रहण कर रहा है जो गीदम निवासी राहुल बुरड़ है। इसी के साथ दो अन्य दीक्षार्थी भी दीक्षा ग्रहण करेंगे। दीक्षा समारोह का आयोजन जैनम भवन (विमानतल रोड)में 21 फरवरी को सुबह से प्रारंभ होगा। एयरपोर्ट के सामने स्थित जैन मानस भवन में उनका मंगल आगमन 14 फरवरी को होगा। 16 फरवरी से होने वाला मयार्दा महोत्सव वर्चुवल होगा इसमें आयोजन स्थल पर बड़े प्रोजेक्टर के माध्यम से श्रद्धालुजन आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रवचन का श्रवण कर सकेंगे साथ ही यहां होने वाले कार्यक्रम को भी देख सकेगें। आचार्य श्री महाश्रमण जी चरोदा,भिलाई,दुर्ग राजनांदगांव विहार करते हुए महाराष्ट्र पहुंचेगें।

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